अब अफ्रीका को दस
अरब डॉलर की मदद
नई दिल्ली।
भारत-अफ्ऱीका शिखर सम्मेलन में अफ्रीकी राष्ट्राध्यक्षों को संबोधित करते हुए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये भारत और अफ्रीका की सदी है। भारत और
अफ्रीका ने हमेशा एक दूसरे को आगे बढ़ाया है। दोनों देशों की संस्कृति सबसे पुरानी
है।
हमें अपने संबंधों
को और मजबूत बनाने की जरूरत है। नवभारत टाइम्स और इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक,
प्रधानमंत्री ने कहा, भारत-अफ्रीका के बीच पुराने संबंध हैं। हमने साम्राज्यवाद
के खिलाफ लड़ाई लड़ी है। यह केवल भारत और अफ्रिका के बीच केवल एक सम्मेलन नहीं है,
बल्कि दुनिया की एक तिहाई आबादी एक छत के नीचे
बैठी है। भारत की दो तिहाई आबादी युवाओं की है जो 35 साल से कम के हैं, वहीं अफ्रिका की भी दो तिहाई आबादी 35 साल से कम की है, मतलब युवा है।
दोनों विश्व की बड़ी युवा शक्ति हैं। आने वाला समय युवाओं का है और हमारी युवा
आबादी दुनिया की तकदीर बदलने के काम आएगी।
पीएम ने अफ्रीकी
राष्ट्राध्यक्षों का सम्मेलन में आना सम्मान की बात बताई। सम्मेलन में 54 अफ्ऱीकी देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल हुए
हैं। कार्यक्रम के लिए सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा
कि हमारी संस्कृति में काफी समानता है। हमारे देश की 90 प्रतिशत आबादी तक मोबाइल फोन पहुंच गया है। आने वाला समय
टेक्नोलॉजी का है। टेक्नोलॉजी को ग्रहण करने में दोनों देश एक दूसरे का साथ देंगे,
आपसी संबंध को और मजबूत करेंगे। पीएम मोदी ने
कहा कि भारत अफ्रीका का डेवलपमेंट पार्टनर बनने के लिए तैयार है, अगर आने वाली शताब्दी में युवाओं की भागीदारी
महत्वपूर्ण है तो आने वाली शताब्दी हमारी है।
इस सम्मेलन के
अंतिम दिन पीएम मोदी 54 अफ्रीकी देशों
को संबोधित करते हुए कहा कि भारत अफ्रीकी देशों के साथ अपने व्यापार के संबंधों को
बढ़ाएगा। भारत ने 60 करोड़ डालर की
अनुदान सहायता की भी पेशकश की जिसमें 10 करोड़ डालर का भारत-अफ्रीका विकास कोष और एक करोड़ डालर का भारत-अफ्रीका
स्वास्थ्य कोष शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अफ्रीका के लिए रियायती
ब्याज दर पर अगले पांच साल के लिए 10 अरब डालर के ऋण की घोषणा भी की।
प्रधानमंत्री ने
अपने संबोधन में आतंकवाद का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के
खिलाफ हम मिलकर लड़ेंगे। पीएम मोदी ने कहा
कि पिछले 3 सालों में लगभग 25000 अफ्रीकी युवाओं को भारत में शिक्षित और कौशल
संपन्न किया गया है। हम अफ्रीका के अंदर डिजिटल डिवाइड और अफ्रीकी देशों और बाकी
दुनिया के बीच डिजिटल डिवाइड को दूर करने में सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि
यूएनएससी में सुधारों के लिए अफ्रीका और भारत को एक साथ मिलकर आवाज उठानी पड़ेगी।
मोदी ने कहा कि जैसे ही शाम ढलने लगती है, करोड़ों भारतीयों और अफ्रीकी लोगों के घरों में अंधेरा छाने लगता है, हम उनके जीवन में रोशनी लाएंगे।
No comments:
Post a Comment